आर्मी चीफ बोले भारत सदैव स्वतंत्र नीति का पालन करेगा
आर्मी चीफ जनरल केवी कृष्ण राव मेमोरियल लेक्चर में अपना संबोधन दे रहे थे । उन्होंने ने अपने संबोधन में कहा कि भारत एक स्वतंत्र नीति वाला देश है । किसी भी विषय पर भारत सदैव स्वतंत्र नीति का ही पालन करेगा । वह किसी भी राष्ट्र के अधीन होकर अपने विचारों को नहीं रखेगा ।
अमेरिका ने रूस पर अनेक प्रकार की पाबंदियां लगाई है । इस समय भारत और अमेरिका के संबंध काफी अच्छा चल रहा है । ऐसे में अमेरिका ने भारत को चेतावनी दी थी कि अगर वह रूस से संबंध रखता है तो भारत को भी अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा । इस पर आर्मी चीफ जनरल ने कहा कि हमें एहसास है कि हम पर अमेरिका द्वारा प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं मगर हम सदैव स्वतंत्र निधि पर चलते थे और चलते हैं ।
भारत के आर्मी जनरल चीफ हाल ही में अपने छः दिवसीय यात्रा के बाद भारत लौटे । आर्मी चीफ रावत ने सैन्य अधिकारियों से द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए पहल किया है । उनका विचार है कि भारतीय सेना और डिफेंस सेक्टर एक साथ जुड़कर नए आयामों को प्राप्त कर सकते हैं । आर्मी चीफ रावत ने कहा कि रूस देश इस बात को भलीभांति समझता है कि भारतीय सेना विश्व की ताकतवर सेना है और यह ऐसी सेना है जो अपने रणनीतिक सोच के आधार पर दूसरों देशों से उत्तम है और अब उसके पक्ष में खड़े होने में सक्षम है ।
भारत के साथ अमेरिका के अच्छे संबंध और रूस के लिए भी चिंता का विषय थे । आर्मी चीफ रावत ने रूस के चिंता को दूर किया । उन्होंने कहा कि जब हमें किसी प्रकार की प्रौद्योगिकी हासिल करनी होती है तो हम अमेरिका के साथ हाथ मिला रहे होते हैं लेकिन हम सदैव स्वतंत्र नीति पर चलते हैं । सेना प्रमुख ने कहा कि जब हम पाबंदियों के विषय पर बात करते हैं और आप पाबंदीयों पर सवाल खड़ा कर रहे होते हैं । तब राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस तत्व के बावजूद एस-400 हथियार की प्रणाली को डील को पूर्ण करते हैं और संधि पर दस्तखत भी करते हैं । उन्होंने कहा ऐसा हो सकता है कि भविष्य में हमें अमेरिका के प्रतिबंधों से सामना करना पड़े ।

